Best Motivational Story In Hindi [ Rajkumari Ka Swayamwar] राजकुमारी का स्वयंवर

पुराने समय मे एक राजा था जो की एक बहुत बड़े क्षेत्र पर राज करता था। उसकी एक बेटी थी और कोई बेटा नहीँ था। एकलौती बेटी होने के कारण राजा अपनी राजकुमारी बेटी से बहुत प्यार करता था। उसकी बेटी अब बडी हो गई गई थी। 
राजा एक दिन विचार करता है कि मेरी गुणवान और सुंदर बेटी के लिए योग्य वर कैसे तलाशा जाए।  राजा के मंत्री राजा को स्वयंवर करने और राजकुमारो को बुलाने का सलाह देते है
, ओर उनके लिए खुली चुनौती रखने के के लिए कहता है  जिससे गुणगान , योग्य और  साहसी राजकुमार की परख हो जाएगी।
 राजा जल्दी ही अपने आस पास के सभी देशो के राजकुमारो को स्वयंवर मे आने के लिए  invitation भेजता है। और सभी राजकुमारोँ को एक निश्चित दिन राजसभा मे बुलाया जाता है 
आसपास के सभी देशो से राजकुमार स्वयंवर के दिन राज्य मे पहुँच जाते है।  राजा सबका स्वागत करता है। 
 राजसभा मे राजा के साथ उसकी बेटी भी आती है। वह बहुत सुंदर थी सभी राजकुमार उसे देखकर अपने सपने बुनना शुरु कर देते है। राजा सभी को अपनी बेटी से परिचित करवाते है ओर कहते है – ”  मेरी बेटी के स्वयंवर मे पधारे सभी राजकुमारोँ का स्वागत है , जैसे कि आप सभी राजकुमार जानते है कि मेरा कोई पुत्र नहीँ है। सिर्फ एक पुत्री है इसलिए मेरी पुत्री से जिसका भी विवाह होगा उसे मे अपनी बेटी के साथ-साथ अपना आधा राज्य भी दूँगा । ” सभी राजा और  राजकुमार ओर उत्साहित हो जाते है ।
 फिर राजा कहता है – ” किंतु मै मेरी बेटी का विवाह योग्य और साहसी राजकुमार से करना चाहता हूँ इसलिए आप सभी के लिए एक प्रतियोगिता है , उस प्रतियोगिता मे आप मे से जो भी राजकुमार सबसे पहले कल सुबह पास के जंगल मे जो नदी है उसे तेरकर पार कर लेगा मै अपनी बेटी का विवाह उसके साथ कर दूंगा , परंतु मैं आप सभी को बता दूँ नदी मेँ बड़े-बड़े मगरमच्छ है। हम सभी कल सुबह नदी के किनारे मिलेंगे। ” यह कहकर राजा सभा समाप्त करता है। ओर सभी को नदी के किनारे आने को कहता है। 
 सभी राजकुमार चिंतित हो जाते है सभी को अपनी – अपनी जान की परवाह होने लगती है आधे से ज्यादा राजकुमार डर कर रात मेँ ही अपने देश लोट जाते है। 
 सुबह राजा और राजकुमारी नदी किनारे पहुंचते है , राजा देखता है  कि वहाँ कुछ ही राजकुमार है।  
राजा फिर दोहराता है – ” जो कोई भी राजकुमार सबसे पहले इस नदी को तैर कर पार करेगा उसे मैं अपना आधा राज्य और अपनी बेटी दूंगा किन्तु इस नदी मे बड़े – बड़े मगरमच्छ है । “
 सभी एक दूसरे को देखते है और कोई भी नदी मे नहीँ कूदता है। राजा चिंतित होता है । तभी राजा वहां खडे गाँव वालोँ से कहता है जो की प्रतियोगिता देखने आए थे की – ” आप सभी मेँ से जो कोई भी नदी पार करेगा उसकी राजकुमारी से शादी होगी और उसको आधा राज्य भी मिलेगा। ” 
सभी एक दूसरे को देखते है कि कौन  कूदेगा क्यूंकि सभी को पता था कि नदी मे मगरमच्छ है। तभी छपाक से किसी के पानी मेँ कूदने की आवाज आती है , सभी देखते है कि एक गाँव वाला लडका जल्दी – जल्दी नदी तेरकर पार कर रहा है।  जैसे ही वह दूसरे किनारे पर पहुंचता है गांव वाले उसे उठा लेते है और नारे लगाते हुए राजा के पास लाते है। 
राजा कहता है  तुम बहुत बहादुर हो बेटा मै तुम्हें अपना आधा राज्य भी दूँगा और अपनी बेटी से शादी भी करवाउगा  लडका कहता है – ” महाराज मैँ आपकी बेटी से शादी भी करुँगा और आधा राज्य भी लूँगा किंतु पहले मुझे यह जानना है कि मुझे पीछे से धक्का किसने दिया था । ” 


moral  –  दोस्तो हमारे अंदर कई qualities और क्षमता होती है किंतु कई बार हम पहले से ही परिणाम की चिंता करके डर जाते है। हमने जो बडा सोचा है जोकि success की key है उसे करने से पहले ही छोड़ देते है। जबकि हमारे अंदर उसको करने की क्षमता होती है । हर आदमी को कुछ भी करने से पहले डर जरुर लगता है दुनिया का सबसे तेज दौडने का रिकॉर्ड बनाने वाले Usain Bolt ने एक इंटरव्यू मेँ कहा था कि जब मै रेस लगाने जाता हूँ तो पहले अपने हाथ झटकारता हूँ क्योकि मुझे थोड़ा डर लगता है पर जब मे पूरी क्षमता के साथ जोड़ता हूँ तो हमेशा अपने आपको आगे पाता हूँ । दुनिया मे  जितने भी successful लोग हे उन्होने किसी तरह अपने आप को लगाए रखा जबतक की success नहीँ हो गए क्योंकि ” डर के आगे ही जीत है।” 

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