Hindi Motivational Story Jo Hota Hai Acche Ke Liye Hota Hai. जो होता है अच्छे के लिए होता है

बीरबल और अकबर के बारे मेँ सभी लोग जानते है। बिरबल अकबर के नवरत्नोँ मेँ से एक थे और सबसे ज्यादा समझदार और चालाक थे।  एक बार अकबर और  बीरबल जंगल मेँ शिकार के लिए जाते है , शिकार नहीँ मिलने के कारण दोनो जंगल मेँ दूर निकल जाते है ओर शिकार ढूंढते ढूंढते दोपहर हो जाती है। अकबर थकान महसूस करता है  अकबर बीरबल से कहता है हमेँ कुछ देर आराम कर लेना चाहिए  बिरबल भी सहमती जताता है ,
अकबर और बीरबल दोनोँ को एक पेड़ के नीचे आराम करने के लिए लेट जाते है दोनो को नींद लग जाती है कुछ देर बाद अकबर जोर से चिल्लाता है , बीरबल की नींद खुलती है , बीरबल देखता हे कि महाराज अपना पैर पकड़ कर दर्द से करहा रहे है , तभी वहाँ से बीरबल को एक सांप जाता दिखाई देता है।  अकबर के पैर के अंगूठे मेँ सांप ने काटा था , अंगूठा नीला दिखाई देने लगता है। बीरबल अपना चाकू निकलता है ओर अकबर का अंगूठा काट देता है अकबर दर्द से और जोर से चिल्लाता है। बीरबल कहता है – “जहांपनाह शांत हो जाइए जो होता है अच्छे के लिए होता है “
अकबर यह सुनकर आग बबूला हो जाता है  ओर कहता है -”  तूने मेरा अंगूठा काट दिया और कह रहा है जो होता हे अच्छे के लिए होता है , तुझे इसका दंड मिलेगा।
 महल जाकर अकबर सभा मेँ बीरबल को जेल मेँ डालने का हुक्म देता है बीरबल कहता है – ” मुझे मंजूर है , जहांपनाह क्योंकि जो होता है अच्छे के लिए होता है। ” अकबर सुन कर हेरान हो जाता हे कि मेरा अंगूठा काटा  तब भी बीरबल बोला कि जो होता है अच्छे के लिए होता है पर अब इसको जेल भेज रहा हु , तब भी बोल रहा है कि जो होता है अच्छे के लिए होता है। 
अकबर अपना इलाज करवाता है कुछ दिनो के बाद अकबर अकेला ही शिकार के लिए जाता है।  तभी जंगल मेँ कुछ कबीले वाले जंगली लोग अकबर को पकड़ लेते है , अकबर कहता है – ” मैं अकबर हूँ , यहाँ के शासक हूँ , महाराज हूँ , मुझे छोडो। ” जंगली लोग उसे बांधकर कबीले मे ले जाते है वहाँ कबीले का सरदार उसे अपनी कुलदेवी को बलि देने की बात कहता है। अकबर को नहलाकर तिलक लगाकर कुलदेवी के सामने ले जाया जाता है। कबीले का पूजारी अकबर को माला पहनाता है , तभी उसको कटा अंगूठा दिखता है पूजारी कहता है – ” सरदार इस नर की बलि नहीँ दी जा सकती क्योंकि यह खंडित है इसके पेर का एक अंगूठा कटा हुआ है। कबीले का सरदार कहता है – ” यह खंडित है हमारे किसी काम का नहीँ है  इसे जंगल मेँ छोड़ दो और दूसरा आदमी पकड कर ले आओ।  “
अकबर जंगल से अपने महल आता है  और बीरबल को जेल से बुलाता है ओर कहता है कि बीरबल तुम ने सही कहा था जो होता हे अच्छे के लिए होता है। तुमने मेरा अंगूठा नहीँ काटा होता तो आज मेरी बली चढ़ जाती। पर मैने जब तुम्हें जेल मेँ भेजा था तो तुमने कहा था ‘ जो होता हे अच्छे के लिए होता है ‘ उसमे क्या अच्छा था ? बीरबल कहता है – ” अगर आप मुझे जेल मेँ नहीँ डालते तो मुझे आप के साथ शिकार पर जाना पडता , जंगल मेँ जंगली लोग दोनो को पकड़ कर ले जाते और बलि दी जाती , आपका अंगूठा कटा होने के कारण आपको तो छोड़ देते पर मेरी बलि दे देते।  इसीलिए मेँ हमेशा कहता हूँ जो होता है अच्छे के लिए ही होता है। “
MORAL – Friends  इस तरह से हम कई बार पुरानी बातोँ को कोसते रहते है – “यह अच्छा नहीँ हुआ। ” ” यह मेरे लिए अच्छा नहीँ था ” वगैरह वगैरह पर हर situation   हमेँ कुछ ना कुछ नया जरुर सिखाती है इसीलिए life मेँ जो होता हे अच्छे के लिए होता है। 

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