Samajhdar Gadha Motivational Story In Hindi . समझदार गधा

 एक गांव  में एक कुम्हार रहता था।  उसके पास मिट्टी ढोने के लिए एक गधा था जो कि काफी सालों से उसके साथ था पर अब वह गधा बूढ़ा हो चुका था और मिट्टी नहीं उठा पाता था। और बुढ़ापे और दर्द के कारण ची -बौ -ची -बौ चिल्लाता रहता था।  गाँव वाले उसकी वज़ह से रात में सो नहीं पाते थे। एक दिन सभी गाँववाले मिलकर कुम्हार के पास जाकर बोले – ” इस गधे को मार दो यह हमें न तो दिन में चैन लेने देता हैं और ना हि

रात में सोने देता है।”

कुम्हार बोला – ” यह मेरे यहाँ काफ़ी दिनों से मिट्टी ढोता आया है में इसे मार नहीं सकता। पर गांव के बीच में एक सुखा कुआँ है , मै इसे उस कुए में डाल देता हुँ , यह अपने आप मर जाएगा। “

 

कुम्हार ऐसा ही करता है। अब गधा कुएं में भूखा – प्यासा रहता है और भुख के मारे ओर ज़ोर से चिल्लाता हैं। गाँववाले और परेशान हो जाते है।

अगले दिन सभी मिलकर plan बनाते हैं इसको कैसे चुप कराया जाए।

उन्है  एक idea आता है कि हमारे घरों का रोज का जो कूड़ा – कचरा सभी गाँव वाले उस गधे पर डालेंगे तो वह उस कचरे के निचे दबकर मर जाएगा।

पहले दिन एक – एक करके सब अपना कचरा फेंकने लगे। गधा समझदार था , जैसे ही कचरा उसकी पीठ पर गिरता , वह अपनी पीठ को हिलाता और कचरा नीचे गिर जाता। उसमे से बची हुई खाने की चीजे वह खा लेता और बाकि कचरे को अपने पैरो के नीचे दबा लेता और उस पर खड़ा हो जाता। कुछ दिनों में गधा बचे हुए फल फुल , सब्जियाँ खाकर हस्ट – पुस्ट हो गया और कुआँ भी धीरे – धीरे कचरे से भर गया। और एक दिन गधा कुँए से बाहर निकल कर जंगल में भाग गया इस तरह उसने अपनी जान बचा ली।

 

MORAL – इस तरह हमारी life में कई तरह negative आते हैं जो कि हमको दबाने की कोशिश करते हैं , हमे अपने आप को shake करके उन negative को हटा देना चाहिए और उन negative को एक stepping stone के रूप में use करके अपनी life में आगे बढ़ जाना चाहिए।  अगर वह गधा उन negatives को stepping stone नहीं बनाता और सोचता की negativeबहुत सारे हैं मै क्या कर सकता हुँ तो वह कब से मर गया होतो।

 

 ” so use all negatives as a stepping stone ” 

 

 


 

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